Description
- वानस्पतिक नाम: इसका वैज्ञानिक नाम Solanum melongena है.
- भौतिक स्वरूप:
- रंग: बैंगन की किस्में कई रंगों में आती हैं, जिनमें सबसे आम गहरे बैंगनी (deep purple) होते हैं, लेकिन ये सफेद, हरे या मिश्रित रंग के भी हो सकते हैं.
- आकार: ये गोल, अंडाकार, या लंबे और पतले हो सकते हैं, जिनका आकार कुछ इंच से लेकर एक फुट तक हो सकता है.
- त्वचा (Skin): इसकी त्वचा आमतौर पर चमकदार (glossy) और चिकनी होती है.
- गूदा (Flesh): गूदा मलाईदार (creamy), स्पंजी (spongy) और सफेद होता है, जिसमें कई छोटे, मुलायम, खाने योग्य बीज होते हैं.
- स्वाद और बनावट: बैंगन का अपना स्वाद हल्का और थोड़ा कड़वा (mild and slightly bitter) होता है, लेकिन इसकी मुख्य विशेषता इसकी अवशोषित करने की क्षमता है. यह मसालों, तेलों और धुएं के स्वाद को एक स्पंज की तरह सोख लेता है, जिससे यह विभिन्न प्रकार के व्यंजनों के लिए एक आदर्श सामग्री बन जाता है.
उपयोग और पोषण
बैंगन भारतीय व्यंजनों में एक मुख्य घटक है और इसे कई तरीकों से पकाया जाता है, जैसे:
- भर्ता (Bharta): आग पर भूनकर बनाया गया एक लोकप्रिय व्यंजन, जिसमें धुएँ का स्वाद मुख्य होता है.
- भज्जी/पकोड़े (Bhajji/Pakora): पतले स्लाइस को बेसन के घोल में लपेटकर तला जाता है.
- करी/सब्जी (Curry/Sabji): आलू के साथ या भरवां बैंगन के रूप में बनाया जाता है.
पोषण की दृष्टि से, बैंगन विटामिन B1, B2, B5, B6, और K जैसे विटामिनों से भरपूर होता है, और इसमें कैल्शियम, आयरन, फास्फोरस और पोटेशियम जैसे खनिज भी पाए जाते हैं.
यह बहुमुखी सब्जी भारत के अधिकांश हिस्सों में ‘बैंगन’ (या दक्षिण में ‘वाझुथानंगा’) के नाम से जानी जाती है और भारतीय घरों में एक प्रमुख स्थान रखती है.





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