Description
- स्वरूप (Appearance): धनिया का पौधा लगभग 25 से 50 सेंटीमीटर ऊँचा होता है, जिसमें पतले तने और चमकीले हरे, पंखदार पत्ते होते हैं। इसकी एक विशिष्ट, ताज़ा और लगभग खट्टी-फलों जैसी सुगंध होती है।
- वानस्पतिक नाम: इसका वैज्ञानिक नाम Coriandrum sativum है और यह गाजर या अजमोद परिवार (Apiaceae family) से संबंधित है।
- उपयोग के दो भाग:
- पत्तियां (Cilantro): ताजी पत्तियों को अक्सर उत्तरी अमेरिका में ‘सिलेंट्रो’ कहा जाता है, जबकि भारत में इन्हें ‘हरा धनिया’ कहते हैं। इनका उपयोग गार्निशिंग, चटनी और सलाद में किया जाता है।
- बीज (Coriander Seeds): जब पौधे पर फूल आते हैं और सूख जाते हैं, तो छोटे, गोल, हल्के भूरे रंग के बीज मिलते हैं। इन बीजों का उपयोग सूखे मसाले के रूप में किया जाता है।
स्वास्थ्य लाभ (Health Benefits)
आयुर्वेदिक और पारंपरिक चिकित्सा में धनिया को बहुत गुणकारी माना जाता है, और इसकी तासीर ठंडी होती है।
- पाचन में सहायक: धनिया, विशेष रूप से इसके बीज का पानी या पत्तियों को खाली पेट चबाना, गैस, एसिडिटी, कब्ज और अपच जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करता है।
- मधुमेह नियंत्रण: धनिया के बीज की चाय या पानी मधुमेह रोगियों के लिए फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि यह ब्लड शुगर के स्तर को प्रबंधित करने में मदद करता है।
- एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर: हरी पत्तियां विटामिन C, विटामिन K, और कई एंटीऑक्सीडेंट का बेहतरीन स्रोत हैं जो शरीर की कोशिकाओं को नुकसान से बचाते हैं।
- सूजन कम करना: इसमें मौजूद सिनेओल और लिनोलिक एसिड जैसे यौगिक त्वचा की सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं।
culinary उपयोग (Culinary Uses)
दिल्ली में हर व्यंजन में धनिये का उपयोग बहुतायत में होता है:
- गार्निशिंग: लगभग हर भारतीय करी, दाल, सब्जी और रायते की सजावट और ताज़गी के लिए हरे धनिये की पत्तियों का उपयोग किया जाता है।
- चटनी: हरे धनिये, मिर्च और नींबू से बनी चटनी उत्तर भारत में बहुत लोकप्रिय है।
- मसाला: सूखे धनिये के बीजों को पीसकर धनिया पाउडर बनाया जाता है, जो सभी प्रकार की करी और सूखी सब्जियों में एक मुख्य मसाला है।
- सलाद: ताजी पत्तियां सलाद में एक ताज़ा स्वाद जोड़ती हैं।
धनिया भारतीय रसोई का एक ऐसा अभिन्न अंग है जो स्वाद, सुगंध और स्वास्थ्य लाभ—तीनों प्रदान करता है।





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